उनके लिए ( Unke Liye ) Book By - Mukesh Pareek (तेरा लेख़क मुकेश पारीक)
thumb 1 thumb 2

उनके लिए ( Unke Liye ) Book By - Mukesh Pareek (तेरा लेख़क मुकेश पारीक)

by Mukesh Pareek  ·  Poetry Books

FREE
📓 Digital E-Book

'उनके लिए' महज़ एक किताब नहीं, बल्कि उन अनकहे अहसासों का एक पुलिंदा है, जो अक्सर हम कह नहीं पाते। मुकेश पारीक ने अपनी 'ख़ुद की कलम' से उन ख़यालों और जज़्बातों को इन पन्नों पर बिखेरा है, जिन्हें महसूस किया। इस संग्रह की हर ग़ज़ल कभी किसी ख़ामोशी से जन्मी है, तो कभी अनकहे लफ़्ज़ों की गूँज बनकर काग़ज़ पर उतरी है।

⬇️ Get Free Download

✅ Payment ke turant baad download link email par + site par milega.

Details

LanguageHindi
Pages60
PublisherKhudkikalam Publicaiton
Year2026
ISBN978-93-340-4200-9

About this E-Book

“उनके लिए”

इस संग्रह की हर ग़ज़ल
कभी किसी ख़ामोशी से जन्मी है,
तो कभी अनकहे लफ़्ज़ों की
गूँज बनकर काग़ज़ पर उतरी है।


अगर इन पंक्तियों में आपको अपनी कोई कहानी मिल जाए,
तो समझिए ये ग़ज़लें अपना मक़सद पूरा कर चुकी हैं।