📜 हिंदी कविताएँ

रवीन्द्रनाथ ठाकुर की कविताएँ (Rabindranath Thakur Poetry )

रवीन्द्रनाथ ठाकुर की कविताएँ: 18 प्रसिद्ध रचनाएँ हिंदी भावानुवाद के साथ रवीन्द्रनाथ ठाकुर की कविताएँ मूल रूप से बांग्ला में लिखी गई थीं, हिंदी में नहीं। उन्हें 1913 में गीतांजलि के...

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दोहे (Dohe)

बिहारी के दोहे

बिहारी के दोहे अर्थ सहित: 28 प्रसिद्ध दोहे, शब्दार्थ और भावार्थ बिहारी के दोहे ब्रजभाषा की वे दो पंक्तियाँ हैं जिनमें बहुत कम शब्दों में बहुत बड़ी बात कह दी जाती है। इसी वजह से उन्...

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पद (Pad)

रसखान के पद ( Raskhan Ke Pad )

रसखान के पद और सवैये अर्थ सहित: 15 प्रसिद्ध रचनाएँ भावार्थ के साथ रसखान के पद और सवैये ब्रजभाषा की वे रचनाएँ हैं जिनमें एक मुसलमान कवि ने कृष्ण-प्रेम को सबसे सुंदर रूप दिया। सैयद इ...

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दोहे (Dohe)

रहीम के दोहे ( Rahim ke Dohe )

रहीम के दोहे अर्थ सहित 2026 | 35 प्रसिद्ध दोहे शब्दार्थ सहित रहीम के दोहे अर्थ सहित : 35 प्रसिद्ध दोहे, शब्दार्थ और भावार्थ रहीम के दोहे ब्रजभाषा में लिखी वे दो पंक्तियाँ हैं जिनमे...

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पद (Pad)

सूरदास के पद - Surdas Ke Pad

सूरदास के पद अर्थ सहित : वात्सल्य, भ्रमरगीत और विनय के प्रसिद्ध पद सूरदास के पद ब्रजभाषा में लिखे वे गीत हैं जिनमें कृष्ण की बाल लीला, गोपियों का विरह और भक्त की विनती एक साथ मिलती...

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तेरा लेखक : मुकेश पारीक की कविताएं

कभी ख़यालात लिखती है, कभी हालात लिखती है।।   अच्छे को और अच्छा, बुरे को बेकार लिखती है।।   तेरी सोच से कहीं ऊपर, तेरा किरदार लिखती है।।   ख़ुद की क़लम रुकती नहीं, हर रोज़ बे-हिसाब ...

Mukesh Pareek ❤️ 2

निराला की कविताएँ

  निराला की कविताएँ हिंदी में मुक्त छंद की शुरुआत मानी जाती हैं। सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला" छायावाद के चार स्तंभों में से एक थे, पर बाक़ी तीनों से अलग उन्होंने कल्पना कम और यथार्थ...

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मैथिलीशरण गुप्त – कविताएँ

  मैथिलीशरण गुप्त की कविताएँ खड़ी बोली हिंदी की नींव मानी जाती हैं। उन्हें राष्ट्रकवि कहा जाता है और उनका जन्म 3 अगस्त 1886 को झाँसी के पास चिरगाँव में हुआ था। इस पेज पर उनकी 12 प्...

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(Stories) कहानिया

प्रेमचंद की कहानियाँ

  प्रेमचंद की कहानियाँ हिंदी कथा-साहित्य की नींव मानी जाती हैं। उन्होंने लगभग तीन सौ कहानियाँ लिखीं, जिनमें किसान की भूख, जाति का अपमान और आम आदमी की छोटी-छोटी जीतें सबसे बड़े विषय...

मुंशी प्रेमचंद ❤️ 0
दोहे (Dohe)

तुलसीदास के दोहे - Tulsidas Ke Dohe

तुलसीदास के दोहे मध्यकालीन हिंदी साहित्य की वे दो पंक्तियाँ हैं जिनमें नीति, भक्ति और व्यावहारिक जीवन-ज्ञान एक साथ समाया है। गोस्वामी तुलसीदास (1511-1623) ने रामचरितमानस, दोहावली, ...

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दोहे (Dohe)

कबीर – दोहे

कबीर के 100 +प्रसिद्ध दोहे अर्थ सहित: रचना शैली, विशेषताएँ और जीवन संदेश कबीरदास हिंदी साहित्य के उन महान संत-कवियों में गिने जाते हैं, जिनकी रचनाएँ सदियों बाद भी लोगों को जीवन की ...

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