तेरा लेखक : मुकेश पारीक की कविताएं

तेरा लेख़क - Mukesh Pareek 17 May 2026 👁 181
कभी ख़यालात लिखती है,
कभी हालात लिखती है।।
 
अच्छे को और अच्छा,
बुरे को बेकार लिखती है।।
 
तेरी सोच से कहीं ऊपर,
तेरा किरदार लिखती है।।
 
ख़ुद की क़लम रुकती नहीं,
हर रोज़ बे-हिसाब लिखती है।।